भारतीय रेलवे और होली: एक विशेष जुड़ाव
होली, रंगों का त्योहार, न केवल घरों और गलियों में धूमधाम से मनाया जाता है बल्कि भारतीय रेलवे में भी इसकी एक विशेष भूमिका होती है। भारत में त्योहारों के समय रेलवे का महत्व और अधिक बढ़ जाता है, क्योंकि यह लाखों यात्रियों को अपने परिवारों से मिलाने का सबसे प्रमुख साधन है।
- विशेष ट्रेनों का संचालन – भारतीय रेलवे हर साल होली के दौरान अतिरिक्त भीड़ को संभालने के लिए विशेष ट्रेनों की घोषणा करता है। ये ट्रेनें मुख्य रूप से उन मार्गों पर चलाई जाती हैं, जहां प्रवासी कामगार और छात्र अपने घर लौटते हैं, जैसे कि दिल्ली-पटना, मुंबई-गोरखपुर, कोलकाता-वाराणसी आदि।
- अतिरिक्त कोच की व्यवस्था – कई नियमित ट्रेनों में होली के दौरान अतिरिक्त कोच जोड़े जाते हैं ताकि अधिक यात्रियों को स्थान मिल सके।
- सुरक्षा व्यवस्था – होली के दौरान ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए रेलवे पुलिस बल (RPF) और Government Railway Police (GRP) की तैनाती बढ़ा दी जाती है। इसके अलावा, ट्रेनों में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था रोकने के लिए सतर्कता बरती जाती है।
- स्वच्छता और सुविधाएँ – रंगों के कारण गंदगी न फैले, इसके लिए रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों की सफाई व्यवस्था को सख्त किया जाता है।
- होली के अवसर पर उत्तर प्रदेश और बिहार जाने वाली ट्रेनों में सबसे ज्यादा भीड़ देखी जाती है।
- कुछ ट्रेनों में यात्रा करने वाले लोग पारंपरिक रूप से एक-दूसरे को गुलाल लगाकर और गाने गाकर त्योहार मनाते हैं।
- रेलवे स्टेशनों पर विशेष खाद्य स्टॉल लगाए जाते हैं, जहां गुजिया, ठंडाई और अन्य पारंपरिक मिठाइयाँ उपलब्ध होती हैं।
निष्कर्ष
भारतीय रेलवे न केवल यात्रा का एक साधन है बल्कि यह भारतीय संस्कृति और परंपराओं को भी दर्शाता है। होली के समय, रेलवे अपने विशेष इंतजामों से लाखों यात्रियों को उनके प्रियजनों से मिलाने का कार्य करता है, जिससे यह त्योहार और भी खास बन जाता है।
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